B.Ed D.El.Ed New Rule 2026:देश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए साल 2026 कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत B.Ed और D.El.Ed से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किए हैं। इन बदलावों का मकसद शिक्षक प्रशिक्षण को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि स्कूलों में बेहतर शिक्षकों की नियुक्ति हो सके।
शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था में क्या बदला
अब तक ग्रेजुएशन के बाद दो साल का B.Ed करना जरूरी माना जाता था, लेकिन नए नियमों के अनुसार यह व्यवस्था बदली जा रही है।
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पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए अब केवल 12 महीने का B.Ed कोर्स शुरू किया जाएगा
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12वीं पास छात्रों के लिए 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) लागू होगा
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D.El.Ed और B.El.Ed जैसे कोर्स को धीरे-धीरे इसी नई व्यवस्था में शामिल किया जाएगा
इससे शिक्षक बनने का रास्ता ज्यादा साफ और समय बचाने वाला हो जाएगा।
ITEP क्या है और क्यों जरूरी है
ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme एक 4 वर्षीय कोर्स है, जिसमें छात्र 12वीं के बाद ही शिक्षक बनने की पढ़ाई शुरू कर सकते हैं। इस कोर्स में:
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विषय ज्ञान
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शिक्षण कौशल
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बाल मनोविज्ञान
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डिजिटल और आधुनिक शिक्षण तकनीक
पर खास ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्र कम उम्र में ही एक प्रोफेशनल शिक्षक बन सकेंगे।
प्राथमिक शिक्षकों के लिए B.Ed अब मान्य नहीं
नए नियमों के तहत कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए केवल B.Ed पर्याप्त नहीं माना जाएगा। इस स्तर पर शिक्षक बनने के लिए:
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D.El.Ed
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या ITEP कोर्स
अनिवार्य होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया है, ताकि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों पर सख्ती
अब शिक्षक प्रशिक्षण देने वाले कॉलेजों और संस्थानों को सख्त मानकों का पालन करना होगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) केवल उन्हीं संस्थानों को मान्यता देगी:
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जिनके पास उचित इन्फ्रास्ट्रक्चर हो
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प्रशिक्षित फैकल्टी हो
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और तय शैक्षणिक मानक पूरे हों
इससे फर्जी और घटिया स्तर के कॉलेजों पर रोक लगेगी।
नए नियमों से छात्रों को क्या फायदा होगा
इन बदलावों से छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों को लाभ मिलेगा:
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कम समय में बेहतर प्रशिक्षण
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डिग्री की वैल्यू बढ़ेगी
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नौकरी के लिए बेहतर तैयारी
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आधुनिक तकनीक का ज्ञान
शिक्षक अब सिर्फ किताबी नहीं, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी मजबूत होंगे।
प्रवेश के लिए योग्यता और प्रक्रिया
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12 महीने के B.Ed के लिए: संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी
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ITEP कोर्स के लिए: 12वीं पास होना अनिवार्य
दाखिला राष्ट्रीय या राज्य स्तर की प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा। इसके लिए आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जाएंगे।
नई व्यवस्था का उद्देश्य क्या है
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि देश को योग्य, प्रशिक्षित और आधुनिक सोच वाले शिक्षक मिलें। नई शिक्षा नीति मानती है कि बिना अच्छे शिक्षकों के मजबूत शिक्षा व्यवस्था संभव नहीं है।
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 शिक्षक बनने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। अगर आप शिक्षक बनने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना और समय रहते सही कोर्स चुनना बेहद जरूरी है।









