PM Awas Yojana Gramin Survey:भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी लाखों परिवार ऐसे हैं जो कच्चे और असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर हैं। बारिश, सर्दी और गर्मी के मौसम में इन घरों में रहना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और पक्का घर देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत नया ग्रामीण सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे के जरिए उन परिवारों की पहचान की जाएगी जिन्हें वास्तव में पक्के मकान की जरूरत है।
पीएम आवास योजना ग्रामीण सर्वे का उद्देश्य
PM Awas Yojana Gramin Survey का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार बिना सुरक्षित छत के न रहे। यह योजना न केवल आवास उपलब्ध कराने का काम कर रही है, बल्कि लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी दे रही है।
इसके साथ ही सरकार इस सर्वे के माध्यम से योजना में पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है। डिजिटल प्रक्रिया और आधार आधारित पहचान से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सिर्फ सही और पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
कौन कर सकता है पीएम आवास योजना ग्रामीण सर्वे में आवेदन
इस योजना के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान नहीं है और जो कच्चे घरों में रह रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। मिट्टी, फूस, बांस या टिन की छत वाले घरों में रहने वाले परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं।
इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, दिहाड़ी मजदूर, छोटे किसान और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस योजना के मुख्य लाभार्थी हैं। वहीं जिन परिवारों का कोई सदस्य आयकर दाता है, सरकारी नौकरी में है, या जिनके पास पहले से पक्का घर या चार पहिया वाहन है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलता।
डिजिटल तरीके से कैसे होगा सर्वे और आवेदन
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए Awas Plus मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इस ऐप के जरिए ग्रामीण लोग अपने आधार नंबर से लॉगिन करके सर्वे में शामिल हो सकते हैं।
आवेदन के दौरान परिवार के सदस्यों की जानकारी, मौजूदा घर की तस्वीरें, आय से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते का विवरण देना होता है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की भी बचत होती है।
सत्यापन प्रक्रिया और लाभार्थी सूची
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा घर का भौतिक सत्यापन किया जाता है। इस दौरान घर की स्थिति की जांच की जाती है और जियो टैगिंग के माध्यम से उसका रिकॉर्ड रखा जाता है। अगर दी गई जानकारी सही पाई जाती है, तो आवेदन स्वीकृत कर लिया जाता है।
सभी जांच पूरी होने के बाद ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर अंतिम लाभार्थी सूची तैयार की जाती है, जिसे सार्वजनिक किया जाता है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है।
कितनी मिलती है आर्थिक सहायता
PM Awas Yojana Gramin के तहत चयनित लाभार्थियों को घर बनाने के लिए लगभग ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
पहली किस्त नींव डालने के समय, दूसरी किस्त छत डालने पर और तीसरी किस्त घर का निर्माण पूरा होने पर दी जाती है। इस राशि से ग्रामीण परिवार एक मजबूत और टिकाऊ पक्का घर बना सकते हैं।
PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है। यह योजना न सिर्फ घर देने का काम कर रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। पात्र परिवारों को चाहिए कि वे समय रहते सर्वे में हिस्सा लें और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं।









