Heavy rain:देशभर में जारी कड़ाके की सर्दी के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 72 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान देखने को मिल सकता है। इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती और यातायात पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और तेज हवाएं
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 26 और 27 जनवरी को भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बर्फबारी के कारण सड़कें बंद होने और यातायात बाधित होने की आशंका है। पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में 27 और 28 जनवरी को भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इससे रबी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मैदानी इलाकों में बारिश और आंधी
उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने वाला है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 जनवरी को मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शहरों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है।
बिहार और पूर्वी भारत का हाल
बिहार में 28 जनवरी को गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी है। लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसान खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता रखें।
दिल्ली और प्रमुख शहरों का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता कम होगी और यातायात प्रभावित हो सकता है। हवाई और रेल सेवाओं में देरी संभव है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में भी बारिश की संभावना
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग में 27 जनवरी को बारिश हो सकती है। रेगिस्तानी राज्य में बारिश से तापमान में गिरावट आएगी। यह बारिश कुछ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन ज्यादा वर्षा नुकसान भी पहुंचा सकती है।
दक्षिण भारत में भी अलर्ट
दक्षिण भारत के तमिलनाडु के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश का दौर अस्थायी रहेगा। 29 जनवरी के बाद फिर से तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ सकती है। मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
किसानों को फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचाने के उपाय करने चाहिए। जल निकासी की सही व्यवस्था रखें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
आम लोगों को तूफान के दौरान पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहना चाहिए। आपात स्थिति के लिए टॉर्च, पानी और प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार रखें।
देश के 11 राज्यों में जारी बारिश और तूफान का अलर्ट गंभीर है। अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन सावधानी और सतर्कता से नुकसान को कम किया जा सकता है। मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।









