Gold and silver:इस समय सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में इन कीमती धातुओं ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। भारतीय बाजार में सोना ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम के पार चला गया है, जबकि चांदी ₹3,35,000 प्रति किलो के करीब पहुंच चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना $5,100 प्रति औंस के नए उच्च स्तर पर है। ऐसी तेजी बहुत कम देखने को मिलती है।
वैश्विक राजनीति और व्यापार तनाव
इस तेजी का एक बड़ा कारण वैश्विक राजनीति में बढ़ता तनाव है। अमेरिका की सख्त व्यापार नीतियों और कई देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने की चेतावनियों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ऐसी अस्थिरता आती है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हैं। सोना और चांदी ऐसे ही सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं।
निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों की ओर
व्यापार युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। ऐसे माहौल में निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए बुलियन यानी सोने-चांदी में निवेश कर रहे हैं। इसी वजह से इन धातुओं की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
भारतीय बाजार में ताजा स्थिति
भारत के बड़े शहरों में सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,61,400 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि मुंबई में यह थोड़ा कम है। 22 कैरेट सोना, जो गहनों में ज्यादा इस्तेमाल होता है, वह भी ₹1,47,000 के आसपास पहुंच चुका है।
चांदी की बात करें तो साल की शुरुआत में जो चांदी ₹2,38,000 प्रति किलो थी, वह अब करीब 40% तक महंगी हो चुकी है।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं।
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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया के कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं।
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डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोना और चांदी अन्य देशों के निवेशकों के लिए सस्ती हो गई हैं।
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भू-राजनीतिक तनाव: अलग-अलग देशों में चल रहे संघर्ष और अनिश्चित हालात भी कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं।
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महंगाई की चिंता: बढ़ती महंगाई से बचाव के लिए लोग सोने-चांदी को सुरक्षित मानते हैं।
अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की संभावना
पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में 10% से ज्यादा की तेजी आई है। इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद थोड़ी गिरावट या ठहराव आना सामान्य माना जाता है। कुछ निवेशक मुनाफा वसूली कर सकते हैं, जिससे कीमतों में हल्का दबाव आ सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी होगी।
आगे क्या हो सकता है अनुमान
विशेषज्ञों के अनुसार अगर मौजूदा हालात बने रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $6,000 प्रति औंस तक जा सकता है। भारत में इसकी कीमत ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान है।
चांदी के लिए भी भविष्य सकारात्मक है, क्योंकि सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने से बचें। चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना-चांदी पोर्टफोलियो में संतुलन और सुरक्षा दोनों प्रदान करते हैं। आमतौर पर कुल निवेश का 10–15% हिस्सा इन धातुओं में रखना सही माना जाता है।
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सोना और चांदी इस समय मजबूत तेजी के दौर में हैं। वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया है। हालांकि बीच-बीच में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबे समय के नजरिए से कीमती धातुओं का भविष्य अभी भी मजबूत दिखाई देता है। निवेश से पहले सोच-समझकर और सही रणनीति के साथ कदम उठाना ही समझदारी है।









