Home Rent Rules 2026:देश में किराए के मकानों को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को खत्म करने के लिए सरकार ने Home Rent Rules 2026 लागू किए हैं। ये नए नियम केंद्र सरकार के Model Tenancy Act पर आधारित हैं, जिन्हें अब अलग-अलग राज्यों में लागू किया जा रहा है। इनका उद्देश्य मकान मालिक और किराएदार – दोनों के अधिकारों की रक्षा करना और किराएदारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
किराएदारी व्यवस्था की पुरानी समस्याएं
अब तक भारत में किराए के मकानों का बड़ा हिस्सा मौखिक समझौते पर चलता था। इससे कई बार किराएदारों को अचानक किराया बढ़ाने या घर खाली करने का दबाव झेलना पड़ता था। वहीं मकान मालिकों को समय पर किराया न मिलने और कानूनी विवादों में फंसने जैसी परेशानियां होती थीं।
Home Rent Rules 2026 इन्हीं समस्याओं का समाधान लेकर आए हैं।
लिखित और पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार अब हर किराए का समझौता लिखित और रजिस्टर होना जरूरी होगा। बिना पंजीकरण के कोई भी रेंट एग्रीमेंट कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा।
यह रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जाएगा, जिससे किराए की राशि, अवधि और शर्तें स्पष्ट रूप से दर्ज होंगी और भविष्य में विवाद की संभावना कम होगी।
सिक्योरिटी डिपॉजिट पर लगी सीमा
किराएदारों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा तय कर दी है।
अब आवासीय मकान के लिए मकान मालिक अधिकतम दो महीने के किराए के बराबर ही सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकेंगे।
पहले जहां 5–6 महीने तक की डिपॉजिट ली जाती थी, वहां अब शुरुआती आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।
किराया बढ़ाने के लिए सख्त नियम
Home Rent Rules 2026 के तहत मकान मालिक साल में केवल एक बार किराया बढ़ा सकेंगे।
इसके लिए किराएदार को कम से कम 90 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
यदि किराएदार बढ़ा हुआ किराया स्वीकार नहीं करता, तो उसे वैकल्पिक व्यवस्था खोजने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
किराएदार की निजता का सम्मान
अब मकान मालिक बिना पूर्व सूचना या अनुमति के किराए के मकान में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
यह नियम किराएदारों की निजता और सम्मान की रक्षा करता है। केवल आपात स्थिति या किराएदार की सहमति से ही मकान मालिक घर में प्रवेश कर पाएंगे।
मरम्मत और रखरखाव की स्पष्ट जिम्मेदारी
नए नियमों में यह भी साफ कर दिया गया है कि कौन-सी जिम्मेदारी किसकी होगी।
छोटी मरम्मत जैसे बल्ब बदलना या नल ठीक करना किराएदार की जिम्मेदारी होगी, जबकि बड़ी मरम्मत, पेंटिंग और संरचनात्मक कार्य मकान मालिक को कराने होंगे।
इससे छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े कम होंगे।
बेदखली प्रक्रिया में कानूनी सुरक्षा
अब किसी भी किराएदार को बिना रेंट ट्रिब्यूनल के आदेश के घर से नहीं निकाला जा सकेगा।
इससे जबरन बेदखली पर रोक लगेगी और किराएदार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।
वहीं, नियम तोड़ने वाले किराएदारों के खिलाफ मकान मालिक भी कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे।
रेंट ट्रिब्यूनल से मिलेगा त्वरित न्याय
Home Rent Rules 2026 के तहत किराए से जुड़े विवादों के लिए रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे।
इनका उद्देश्य 60 से 90 दिनों के भीतर मामलों का निपटारा करना है, जिससे लंबी कानूनी लड़ाई से राहत मिलेगी।
Home Rent Rules 2026 भारत की किराएदारी व्यवस्था में बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। लिखित समझौते, सीमित सिक्योरिटी डिपॉजिट, किराया वृद्धि पर नियंत्रण और त्वरित न्याय प्रणाली से मकान मालिक और किराएदार – दोनों को फायदा होगा।
अगर ये नियम सही तरीके से लागू होते हैं, तो किराए पर रहना ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक बन जाएगा।









