Old Pension Scheme:भारत में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) एक समय तक सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार रही है। इस योजना के तहत रिटायर होने के बाद कर्मचारी को उसके अंतिम वेतन के आधार पर जीवन भर निश्चित मासिक पेंशन मिलती थी। यही कारण है कि आज भी लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इस योजना को दोबारा लागू करने की मांग कर रहे हैं।
क्या है पुरानी पेंशन योजना
पुरानी पेंशन योजना एक निर्धारित लाभ आधारित पेंशन व्यवस्था थी। इसके तहत कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद उसके अंतिम वेतन का लगभग 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता था। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) भी समय-समय पर बढ़ता रहता था, जिससे पेंशन की क्रय शक्ति बनी रहती थी।
इस योजना में कर्मचारियों को किसी तरह का निवेश नहीं करना पड़ता था और पेंशन की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती थी।
2004 में क्यों बदली गई व्यवस्था
1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बंद कर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू कर दी। NPS एक योगदान आधारित योजना है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान करते हैं। इसमें मिलने वाली पेंशन बाजार में निवेश से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है।
इस बदलाव का मुख्य कारण सरकार पर बढ़ता पेंशन बोझ और वित्तीय दबाव था।
OPS को लेकर वित्तीय चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुरानी पेंशन योजना को पूरी तरह से वापस लाया गया, तो इससे सरकार के खजाने पर भारी दबाव पड़ेगा। बढ़ती जनसंख्या और लंबी जीवन प्रत्याशा के कारण पेंशनभोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हालांकि दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित आय हर कर्मचारी का अधिकार है।
2026 में OPS को लेकर क्या है स्थिति
वर्ष 2026 में पुरानी पेंशन योजना को लेकर बहस और तेज हो गई है। कई कर्मचारी संगठन OPS की पूरी बहाली की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ संगठन हाइब्रिड पेंशन सिस्टम की मांग कर रहे हैं, जिसमें OPS और NPS दोनों की विशेषताएं हों।
कुछ राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर नई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे आश्वासित पेंशन योजना, जो OPS से मिलती-जुलती है।
केंद्र सरकार का रुख
केंद्र सरकार ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि पुरानी पेंशन योजना को देशभर में फिर से लागू करने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। सरकार का मानना है कि NPS एक टिकाऊ प्रणाली है, हालांकि इसमें सुधार की गुंजाइश हो सकती है।
कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार कुछ संशोधन कर सकती है, लेकिन OPS की पूरी वापसी आसान नहीं मानी जा रही।
किन कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलता है
जो सरकारी कर्मचारी 1 जनवरी 2004 से पहले नियुक्त हुए थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, वे आज भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्हें नियमित पेंशन और DA मिलता है।
वहीं 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारी NPS के अंतर्गत आते हैं, इसी वजह से उनमें असंतोष ज्यादा देखने को मिलता है।
पुरानी पेंशन योजना की खास विशेषताएं
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जीवन भर निश्चित और गारंटीड पेंशन
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महंगाई भत्ते के साथ पेंशन में वृद्धि
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कोई निवेश जोखिम नहीं
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पारिवारिक पेंशन की सुविधा
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मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता
Old Pension Scheme आज भी सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक बनी हुई है। भले ही इसे पूरी तरह वापस लाने को लेकर सरकार सहमत न हो, लेकिन इस योजना की मांग और इससे जुड़ी बहस लगातार जारी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार OPS जैसी सुरक्षा देने के लिए NPS में क्या सुधार करती है या कोई नई संतुलित पेंशन व्यवस्था लाती है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पुरानी पेंशन योजना या किसी नई पेंशन व्यवस्था से जुड़ी अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग की अधिसूचनाओं पर ही भरोसा करें।









