IMD Weather Alert:भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले 48 से 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। इस दौरान मूसलाधार बारिश, बर्फीली हवाएं, तेज ठंड और शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। मौसम में अचानक बदलाव का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या, यात्रा, खेती और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का बढ़ता असर
उत्तर भारत के राज्यों में ठंड तेजी से बढ़ने वाली है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच सकता है।
सुबह और देर रात घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा रहेगा और कुछ इलाकों में पाले के कारण फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अलर्ट
पहाड़ी राज्यों में मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाला है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। वहीं निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
कश्मीर घाटी में पहले से ही तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। नई बर्फबारी से ठंड और तेज हो सकती है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन, सड़क बंद होने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर
जहां उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे जलभराव, बिजली आपूर्ति और यातायात से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। बादलों की मौजूदगी के कारण नमी बनी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण की चिंता
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी बड़ी समस्या बना हुआ है। सुबह और रात के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है। ठंडी और स्थिर हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व हवा में फंसे रह सकते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
खेती और आम जनजीवन पर असर
तेज ठंड, पाला और बारिश का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका है, खासकर सब्जियों और सरसों जैसी फसलों को। किसानों को मौसम के अनुसार फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।
आम लोगों को भी ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, अलाव या हीटर का सुरक्षित उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत है।
सतर्कता और सावधानी है जरूरी
आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बुजुर्गों और बच्चों का खास ध्यान रखें और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।









